सोलन ज़िले के लिए विशेष कृषि-मौसम सलाह: अगले 5 दिन शुष्क रहेगा मौसम, बागवान और किसान अपनाएं ये जरूरी टिप्स!

On: April 21, 2026 8:56 PM
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सोलन के खेतों में मल्चिंग तकनीक का उपयोग करते किसान।
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सोलन (हिमालयन डॉन)। डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौनी ने सोलन ज़िले के किसानों और बागवानों के लिए आगामी 5 दिनों का महत्वपूर्ण कृषि-मौसम बुलेटिन जारी किया है। अगले कुछ दिनों में तापमान में बढ़ोतरी और शुष्क मौसम रहने की संभावना है, जो फसलों और पशुधन को प्रभावित कर सकता है।

🌡️ मौसम का मिजाज: गर्मी और शुष्कता बढ़ेगी

​मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 22 से 26 अप्रैल तक सोलन में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा।

  • तापमान की मार: अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 14°C से 15°C तक रहेगा
  • हवा की चाल: उत्तर-पश्चिम दिशा से 10.4 से 11.4 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।
  • नमी में गिरावट: सापेक्ष आर्द्रता का स्तर घटकर 13% से 35% के बीच रह सकता है, जिससे फसलों में पानी की कमी होने का डर है।

🍎 बागवानों के लिए जरूरी सलाह: सेब और गुठलीदार फल

​बढ़ते तापमान और कम नमी को देखते हुए बागवानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:

  • नमी बचाएं: सेब, खुबानी और प्लम के पौधों के चारों ओर (बेसिन में) 10 सेमी मोटी भूसे की मल्चिंग बिछाएं ताकि मिट्टी की नमी सुरक्षित रहे。
  • कीटों पर नज़र: सेब की फसल में थ्रिप्स और माइट्स की नियमित निगरानी करें। प्रकोप दिखने पर 10 मिली/लीटर पानी में हॉर्टिकल्चरल मिनरल ऑयल का छिड़काव करें।
  • सिंचाई प्रबंधन: खुबानी की कटाई से 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें।

🥦 सब्जियों और फसलों के लिए टिप्स

  • बुवाई का सही समय: किसान अब भिंडी, खीरा, कद्दू और फ्रेंच बीन्स जैसी ग्रीष्मकालीन सब्जियों की बुवाई शुरू कर सकते हैं।
  • लहसुन की कटाई: जब लहसुन की फसल की गर्दन 50% तक झुक जाए (नेक फॉल), तब इसकी कटाई कर लें।
  • टमाटर और मिर्च: पौधों के आधार के चारों ओर मल्च बिछाएं और वाष्पीकरण कम करने के लिए सिंचाई केवल सुबह या शाम के समय ही करें।

🐄 पशुपालकों के लिए डाइट चार्ट

  • कैल्शियम का ध्यान: जो पशु इन दिनों धान के पुआल (rice straw) पर निर्भर हैं, उन्हें कैल्शियम सप्लीमेंट जरूर दें ताकि कैल्शियम की कमी और आंतों में रुकावट से बचा जा सके।
  • हरा चारा: दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं को ‘अफारा’ (Bloat) से बचाने के लिए बरसीम और जई जैसे हरे चारे का नियमित सेवन कराएं।

🌿 प्राकृतिक खेती के लिए नुस्खे

प्राकृतिक खेती करने वाले किसान कीटों के नियंत्रण के लिए अग्निअस्त्र, ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और दशपर्णी अर्क (3.0% घोल) का साप्ताहिक छिड़काव करें। नियमित अंतराल पर 10.0% जीवामृत का छिड़काव भी अत्यंत प्रभावी रहेगा।

💡 एक्सपर्ट टिप: मौसम और कृषि संबंधी ताज़ा जानकारी के लिए अपने मोबाइल पर ‘Meghdoot’ ऐप और बिजली गिरने की चेतावनी के लिए ‘Damini’ ऐप अवश्य डाउनलोड करें।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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