हिमाचल में ईको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास को केंद्रीय बजट से मिले पंख: जयराम ठाकुर

On: February 1, 2026 6:23 PM
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शिमला: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत बजट 2026 को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस बजट को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला एक सशक्त दस्तावेज करार दिया है। शिमला स्थित पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ बजट का सीधा प्रसारण देखने के बाद, जयराम ठाकुर ने इसे अंत्योदय से अभ्युदय की यात्रा का ‘अमृत-कलश’ बताया।

हिमाचल के लिए ईको-टूरिज्म की नई क्रांति

जयराम ठाकुर ने बजट का विश्लेषण करते हुए कहा कि यह बजट हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष रूप से ‘ईको-टूरिज्म’ के नए द्वार खोलने वाला है। बजट में घोषित ‘ईको ट्रेल्स’ (ट्रेकिंग ट्रैक) विकसित करने की योजना राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगी।

उन्होंने कहा, “हिमाचल की पहचान उसके पहाड़ों और प्राकृतिक सुंदरता से है। बजट में ‘माउंटेन ट्रेल’ जैसे प्रोजेक्ट्स का शामिल होना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर अडिग है। इससे न केवल नए पर्यटन स्थल उभरेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राज्य के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।”

आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश

हिमाचल प्रदेश पिछले कुछ समय से प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है। इस संदर्भ में बजट की सराहना करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने आपदाओं से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों की सहायता से विशेष वित्तीय सहायता का जो आश्वासन दिया है, वह राज्य के सुरक्षित पुनर्निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

बजट में अधोसंरचना (Infrastructure) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। जयराम ठाकुर के अनुसार, यह निवेश आईटी, सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने विशेष रूप से ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का उल्लेख किया, जिससे हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधरेगी और सामरिक सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटन का विस्तार होगा।

मध्यम वर्ग और नारी शक्ति: राहत और सम्मान का मेल

बजट में मध्यम वर्ग को दी गई टैक्स राहत पर खुशी जताते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि 12.75 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त करना एक ऐतिहासिक कदम है। इससे जनता की क्रय शक्ति बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था में तरलता आएगी।

वहीं, नारी शक्ति और पारंपरिक कौशल को वैश्विक मंच देने के लिए उन्होंने ‘लखपति दीदी’ और ‘महात्मा गांधी हैंडलूम’ जैसी योजनाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल की बुनकर महिलाएं और हस्तशिल्प कलाकार अब वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ सकेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर को मजबूती

हिमाचल प्रदेश भारत के ‘फार्मा हब’ के रूप में जाना जाता है। बजट में एमएसएमई (MSME) सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी योजना और नई ऋण व्यवस्था की घोषणा से राज्य के दवा उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी। साथ ही, कैंसर की दवाओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) में छूट देने के निर्णय को उन्होंने मानवीय संवेदनाओं से भरा कदम बताया।

कृषि और ऊर्जा: आत्मनिर्भर हिमाचल की ओर

पहाड़ी किसानों और बागवानों के लिए बजट के प्रावधानों पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से प्रदेश के बागवानों की आय बढ़ेगी। ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से पहाड़ी क्षेत्रों के परिवारों को बिजली के बिल से आजादी मिलेगी और वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे।

7% की विकास दर और समावेशी विकास

जयराम ठाकुर ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 7% की विकास दर हासिल करना भारत के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने अंत में संत शिरोमणि बाबा रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह बजट गरीब कल्याण, किसान उत्थान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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